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Ukraine agrees to the agreement,will not take NATO membership || आखिर समझौते को राजी हुआ यूक्रेन, अब नहीं लेगा नाटो की सदस्यता

Ukraine agrees to the agreement,will not take NATO membership || आखिर समझौते को राजी हुआ यूक्रेन, अब नहीं लेगा नाटो की सदस्यता


यूक्रेन का रुख बदला हुआ है कह लीजिए या परेशानी में है। तो इस तरह की बातें बोल रहा है क्योंकि अल्टीमेटली यूक्रेन ने कहा है कि समझौते को राजी है


 NATO की सदस्यता जिसको लेकर विवाद शुरू हुआ था उसे लेकर यूक्रेन बयान देता है कि वह नाटो की सदस्यता नहीं लेना चाहता।

Zelensky gives up on joining NATO , says he does not want to lead a nation ' begging something on its knees.


यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेन्सकी न कहा है कि हम नाटो को ज्वाइन नहीं कर रहे, कोई ऐसी चीज नहीं चाहता जिसके अंदर घुटनों में बैठकर कुछ मांगा जाए। यानी कि समझिए यह नाटो को ताने मार रहा है। आप से मान्यता क्या मांग ली, आप से जुड़ने की बात क्या कर दी, आपको लगा कि हम भीख टाइप से कुछ मांग रहे हैं, घुटनों के बल बैठकर आप से निवेदन कर रहे हैं।

Ukraine's Zelensky says he has 'cooled' on joining NATO and is open to discussions about control of Russian-backed separatist regions.


आपको यह बता दें कि Lohansk और Donetsk नामक दो स्थान है जो कि 22 फरवरी के दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में यूक्रेन के दो हिस्सो को घोषित कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति उन तक पर वार्ता करने को तैयार हो गये है।

नाटो जो है वह यूक्रेन को सदस्यता देने को तैयार नहीं हो रहा है। यूक्रेन को साथ लेने के लिए वह खुद डर रहा है कि कहीं ऐसा ना हो कि रूस उसके ऊपर हावी हो जाए। यह यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की  का कहना है।

ZELENSKY BACKS AWAY FROM NATO MEMBERSHIP? I HAVE COOLED DOWN REGARDING THIS QUESTION A LONG TIME AGO AFTER WE UNDERSTOOD THAT ... NATO IS NOT PREPARED TO ACCEPT UKRAINE. THE ALLIANCE IS AFRAID OF CONTROVERSIAL THINGS.- VOLODYMYR ZELENSKY PRESIDENT, UKRAINE

जेलेन्सकी ने कहा है कि वह सुलह (Compromise) करने को तैयार है। विशेष रुप से प्रो-रशियन टेरिटरीज जिसमें से पुतिन ने जिसको रिकॉग्नाइज 24 फरवरी को किया था। यह अलग-अलग क्षेत्र हैं उसके लिए भी तैयार हो गए हैं। 
          रूस यूक्रेन युद्ध क्राइसिस के बारे में हम बता दें कि 24 फरवरी 2022 की बात है जब पुतिन ने दो क्षेत्र लोहांसक और डोनांसक दोनों क्षेत्रों को वह स्वतंत्र देशों की मान्यता दे दी थी। और कहा था कि यह दोनों देश हैं मैं इन्हें अलग से पहचानता हूं और यूक्रेन के अंदर ही दो नये देश बना दिए और कहा था यह दोनों देश चाहते हैं कि हम उन्हें सेना की मदद दी जाए इसलिए मैं इन क्षेत्रों के माध्यम से सेना अंदर भेज रहा हूं। यानी कि पुतिन ने यूक्रेन में प्रवेश करने का जो तरीका ढूंढा था यह था इन्हें पहले देश बनाया जाए और फिर देश के नाम पर इन दोनों देशों के राष्ट्रपति बनाए गए इन राष्ट्रपतियों के माध्यम से मदद मंगवाई गई और मदद के नाम पर पुतिन ने अपना सेना की एंट्री यूक्रेन में करवा दिया।
Russia-Ukrain Crisis - Putin signs decree to recognize independence of Donetsk and Luhansk.

रूस यूक्रेन युद्ध की शुरुआत यूक्रेन के द्वारा नाटो से जुड़ने की इच्छा थी। उसी इच्छा के चलते इतना बड़ा भीषण युद्ध शुरू हुआ और इतनी अधिक क्षति हुई.।

पुतिन ने 1 सप्ताह पहले प्रथम वार्ता में युद्ध रोकने की तीन शर्ते रखी थी।

युद्ध रोकने के लिए रूस की 3 शर्तें-


★ पहली शर्त, अगर यूक्रेन रशिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई रोक देता है यानी उसकी सेना के आगे सरेंडर कर देता है तो रूस युद्ध विराम लागू कर देगा।

★ दूसरी शर्त ये है कि अगर यूक्रेन क्रीमिया पर रूस के नियंत्रण को मान्यता दे देता है, और Donstek (दोनियस्क) और Luhansk (लुहांस्क) जैसे पूर्वी यूक्रेन के इलाकों को स्वतंत्र देश के रूप में स्वीकार कर लेता है तो रूस ये युद्ध रोक देगा।

★ तीसरी शर्त पुतिन ने ये रखी है कि अगर यूक्रेन अपने संविधान में संशोधन करके इस प्रस्तावना को जोड़ता है, कि वो कभी भी NATO देशों को Join नहीं करेगा तो रूस इस युद्ध को रोकने में जरा भी देर नहीं लगाएगा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी के द्वारा तीसरी शर्त मान ली है, दूसरी शर्त पर बात करने को तैयार है, लेकिन तीसरी शर्त पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नही दी है।


रूस यूक्रेन युद्ध मे रूस का साथ देने के चलते बेलारूस को भी SWIFT SYSTEM से बाहर कर दिया गया है।

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