Ticker

10/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

National Stock Exchange Scam || NSE की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण घोटाले में गिरफ्तार, घोटाले में मिलीभगत का है आरोप, अज्ञात योगी के कहने पर लेती थी महत्वपूर्ण फैसले


National Stock Exchange Scam || NSE की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण घोटाले में गिरफ्तार, घोटाले में मिलीभगत का है आरोप, अज्ञात योगी के कहने पर लेती थी महत्वपूर्ण फैसले


मात्र कुछ सेकेंड के अंतर में हुआ था करोड़ों का घोटाला।

 केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) गोपनीय सूचनाएं लीक किए जाने के मामले में रविवार को एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज स्कैम (NSE Scam) यानी कि को-लोकेशन घोटाले (Co-location Scam) में चित्रा रामकृष्ण को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया, बाद में उन्हें दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय के लॉकअप में रखा गया। विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को ही आरोपी चित्रा रामकृष्ण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी।

सीबीआई लगातार 3 दिन से चित्रा से पूछताछ कर रही थी और उनके आवास पर उसमें सवालों के सही जवाब नहीं दिए और गुमराह करने की कोशिश की है। अधिकारियों ने बताया कि और साथ में केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के वरिष्ठ मनोचिकित्सक की मदद भेजी गई थी। मनोचिकित्सक भी इसी नतीजे पर पहुंचे कि चित्रा जवाब कपटपूर्ण है। इसके बाद एजेंसी के पास गिरफ्तारी के अलावा और कोई विकल्प नही बचा।

अज्ञात योगी के इशारे पर एक्सचेंज चला रही थी, गोपनीय सूचनाएं भी की थी साझा


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सर्वर तक दी शेयर दलालो को पहुंच। Co-location घोटाले में चित्रा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने CBI को निष्क्रियता के लिये फटकार लगाई थी। इस घोटाले में NSE के सर्वर तक कुछ शेयर दलालो को पंहुच दी गयी थी। जिन्होंने ने गोपनीय बाजार डेटा का अपने लाभ के लिये इस्तेमाल किया था। चित्रा ने कहा था कि वह एक अज्ञात योगी (जो हिमालय में है) के इशारे पर एक्सचेंज चलती थी। हालांकि योगी की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सेबी के चित्रा रामकृष्ण के ऊपर 03 करोड़ का जुर्माना लगाया था।

आनन्द सुब्रमण्यम पहले ही हो चुका है गिरफ्तार


सीबीआई ने इस मामले में 24 फरवरी 2022 को NSE के पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम को गिरफ्तार किया था। चित्रा रामकृष्ण ने आनंद को अज्ञात जोगी के कहने पर महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति दी थी। मई 2018 में दर्ज इस मामले की सीबीआई पिछले 4 साल से जांच कर रहे हैं मगर पिछले सप्ताह तक दिखाई। जब देश के शेयर बाजार नियामक सेबी ने चित्रा तथा NSE के उस समय के अन्य बड़े आधी के खिलाफ कार्रवाई की। सेबी ने ही अपनी जांच रिपोर्ट में अज्ञात योगी का खुलासा किया था।



Post a Comment

0 Comments