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International Women's Day 8 March || 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जानिए.. महिला दिवस 2022 की क्या है थीम?


International Women's Day 8 March ||  8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जानिए.. महिला दिवस 2022 की क्या है थीम?


 प्रत्येक साल हम 8 मार्च को महिलाओं के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संपूर्ण विश्व की महिलाएं देश, जात-पात, भाषा, राजनीतिक, सांस्कृतिक, भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाती है। साथ ही पुरूष भी इस दिन को महिलाओं के सम्मान में समर्पित करता है।

पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-


 सन 1916 में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका द्वारा पहली बार पूरे अमेरिका में 28 फरवरी को महिला दिवस मनाया गया। सन् 1975 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक विशेष थीम के साथ महिला दिवस मनाने का निर्णय लिया। महिला दिवस की पहली थीम  "Celebrating the Past, Planning for the Future" थी।

सन 1917 में हुई थी आधिकारिक घोषणा-


इतिहास की मानें तो सन 1917 में रूस की महिलाओं ने एक आंदोलन छेड़ दिया था। यह आंदोलन इतना असरदार रहा था कि जार ने अपनी सत्ता छोड़ी थी। और महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला। कहा जाता है कि उन दिनों रूस में जूलियन कैलेंडर चलता था, जबकि बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। दोनों की तारीखो में अंतर होता था। जूलियन कैलेंडर के मुताबिक सन 1917 की फरवरी का आखिरी रविवार 23 फरवरी को था, जबकि ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार उस दिन तारीख 8 मार्च थी। यही कारण था कि हर 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की आधिकारिक घोषणा की गई थी।

महिला दिवस 8 मार्च 2022 के थीम


सबसे पहले हम आपको बता दें कि प्रत्येक साल का महिला दिवस एक खास थीम पर आधारित होता है। हर साल इस फेस्टिवल को किसी न किसी नई थीम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में इस साल 2022 की थीम है Gender equality Today for a sustainable Tomorrow" यानी स्थाई कल के लिए लैंगिक समानता जरूरी है।

भारत में महिलाओं की स्थिति-


 भारत में महिलाओं को शिक्षा, वोट देने का अधिकार और मौलिक अधिकार प्राप्त है। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही है भारत में आज महिलाएं आर्मी, एयर फोर्स, पुलिस, आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। माता-पिता अब बेटे-बेटियों में कोई फर्क नहीं समझते हैं लेकिन यह सोच समाज के कुछ ही वर्ग तक सीमित है।

◆ सही मायने में महिला दिवस तब ही सार्थक होगा जब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से संपूर्ण आजादी मिलेगी। जहां उन्हें कोई प्रताड़ित नहीं करेगा। जहां उन्हें दहेज के लालच में जिंदा नहीं जलाया जाएगा। जहां कन्या भ्रूण हत्या नहीं की जाएगी। जहां बलात्कार नहीं होगा। जहां उसे बेंचा नहीं जाएगा।

समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिये को महत्वपूर्ण समझा जाएगा। इससे तात्पर्य यह है कि उन्हें पुरुषों के समान एक इंसान समझा जाएगा।

HAPPY WOMEN'S DAY 2022


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